युद्ध के बीच कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां रूस से बाहर निकलीं

युद्ध के बीच कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां रूस से बाहर निकलीं : रूस लगातार यूक्रेन पर हमला कर रहा है। यूक्रेन का बहुत सा इंफ्रस्टचर धराशाई कर दिया है। यूक्रेन के बहुत से शहर रूस ने अपने कब्ज़े में ले लिए है। रूस यूक्रेन के मिसाइल लॉन्च स्टेशन को अपने कब्ज़े में कर रहा है। बही यूक्रेन अमरीका और यूरोपीय देशो की और आस की नज़र लगाए बैठा है।

बह भी यूक्रेन की खुल कर मदद नहीं कर पा रहे है। बह रूस पर दबाब बनाने के लिए बहुत से प्रतिबन्द लगा रहे है। परन्तु रूस तस से मस नहीं हो रहा है।युद्ध को बन्द करने के लिए सिर्फ अमरीका और यूरोपीय देशो ही नहीं बल्कि मल्टीनेशनल कम्पनी भी फ्रंट फुट पर आ कर रूस पर दबाब बना रही है।

बहुत सी कम्पनी ने रूस में अपनी सेबा देने से इनकार कर दिया है। जिससे रूस के नागरिको पर बहुत बुरा असर पड़ने बाला है।

युद्ध के बीच कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां रूस से बाहर निकलीं

यूक्रेन और रूस की युद्ध में भले सी यूक्रेन को सपोर्ट करने बाले देश सामने से खुल कर मदद नहीं कर पा रहे है। परन्तु यूक्रेन को एक रणनीति के तहत मदद दे रहे है। और रूस को कमज़ोर बना रहे है। भले ही इस युद्ध में रूस का पलड़ा भरी लग रहा है। परन्तु युद्ध के बाद रूस को बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। रूस को SWIFT सिस्टम से बहार कर दिया है। जिससे भविष्य में रूस को अन्तराष्ट्रीय व्यापार करने में बहुत दिक्क़ते आने बाली है। रूस से तेल लेने पर अमरीका और यूरोपीय देश प्रतिबन्द लगाने की तैयारी में है।

रूस विश्व का दूसरा सबसे बड़ा तेल उद्पादक देश है। यूरोपीय देशो में 20 फीसदी कच्चा तेल सिर्फ रूस से ही जाता है है। ऐसे में रूस की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा नुक्सान होने बाला है। अब अन्तराष्ट्रीय कम्पनीओ ने अपनी सेबा देनी बन्द कर दी है और कुछ कम्पनीओ ने अपनी सेबा को सिमित कर दिया है।

Apple ने अपने उत्पाद बिक्री पर लगाया प्रतिबन्द

दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनी एप्पल ने रूस में अपने उत्पाद बिक्री पर लगाया प्रतिबन्द लगा दिया है। एप्पल के जितने भी स्टोर है उन्ह सब स्टोर को बन्द कर रही है। एप्पल अमरीका की कम्पनी है। जब अमरीका रूस के साथ नहीं है तो अमरीका की कम्पनी क्यों रूस में हो। इसलिए एप्पल कम्पनी रूस से बहार निकल गयी है। इसके इलाबा एप्पल ने अपनी डिजिटल सेबा को भी रूस में बन्द कर दिया है। जिससे एप्पल कम्पनी नुक्सान हुआ है। परन्तु बह नुक्सान झेलने को भी तैयार है।

गूगल ने विज्ञापनों पर लगा दी रोक

गूगल दुनिया का सबसे विश्वसनीय कम्पनी है। बह नहीं चाहती है की कोई उसके प्लेटफॉर्म का दुरूपयोग करे। इसलिए गूगल ने रूस ने अपनी विज्ञापन उत्पाद( Google Ads ) का गलत उपयोग करे।

Google भी अमरीका की कम्पनी है जो इस युद्ध में यूक्रेन की मदद कर रहा है। एक ब्लॉग पोस्ट में इस विषय में जानकारी दी गयी है ब्लॉग पोस्ट का शीर्षक ही Helping Ukraine रखा गया है। जिसमे लिखा है की यूक्रेन के उपयोगकर्ताओं और महत्वपूर्ण स्थानीय सेवाओं की सुरक्षा के लिए हमारी सुरक्षा टीमें 24/7 काम कर रही हैं।

Spotify ने भी उठाया कदम

Spotify ने रूस दुबारा यूक्रेन पर हमले की कड़ी निदा की है। Spotify ने कहा की बिना किसी ठोस कारण के ही रूस ने यूक्रेन पर हमला किया। जिसके कारण हम रूस में अपनी सेबा को पूरी तरह से बन्द कर रहे है।

आगे पढ़े – Russia Ukraine War – कच्चे तेल के दाम में बड़ा उछाल

रूस में अपने कार्यालय अनिश्चित काल के लिए बन्द कर दिया है। इसके अलावा, कंपनी ने क्रेमलिन समर्थित आउटलेट्स RT और Sputnik से सभी सामग्री को Spotify के प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। और एक बयान जारी करते हुए कहा की जितना हो सके है हम यूक्रेन के नागरिको की मदद करेंगे। 

Airbnb ने भी किये अपने ओप्रशन बन्द

Airbnb इस युद्ध की निदा की और एक बयान जारी करते हुए कहा की हम अपने ओप्रशन रूस और बेलारूस में अपने सारे ओप्रशन बन्द कर दिए है।

इन कंपनियों ने भी अपने कारोबार को किया रिव्यू

रूस और यूक्रेन में अपनी बिजनेस को रिव्यू करने और कारोबार समेटने या सीमित करने वाली कंपनियों में Disney, Boing, BP, General Motors, फॉक्सवैगन, Master Card, Ikea, डियाजियो, वॉल्वो, डायमलर और रेनॉ जैसी कंपनियां शामिल हैं।

आगे पढ़े – एलोन मस्क की कम्पनी स्टारलिंक इंटरनेट सेवा यूक्रेन में सक्रिय