On Page Seo in Hindi ! On Page Seo की जानकारी हिन्दी में !

जो लोग ब्लॉग्गिंग करते है बह Google Utube में  सर्च करते रहते है । की की On Page Seo in Hindi , What is on page seo in hindi,  सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन क्या होता है। कैसे काम करता है। On Page Seo क्यों जरुरी है। On Page Seo क्यों करना चाहिए है। यदि आप भी इन चीज़ो को Google में सर्च कर रहे है। यह फिर आप जानना चाहते है की On Page seo क्या है तो आप बिल्कुल सही जगह पर है। इस लेख में On Page seo की पूरी जानकारी दी गयी है। तो आइये तो लेख को शुरू करते है।

On Page Seo in Hindi  के इस लेख में सबसे पहले हम को जानना होगा, कि Seo  क्या होता है उसके बाद हम जानेंगे On Page seo  क्या होता है।Seo के कितने प्रकार होते है।

Seo kya hota hai

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक ऐसा तरीका है जिससे हम बिना ₹1 खर्च किए अपनी किसी भी ब्लॉग पोस्ट को गूगल की रैंक  में पहले पेज पर ला सकते हैं।  यह कोई जादू नहीं है कि आपने अपने ब्लॉग या अपने ब्लॉग पोस्ट का ऐसा क्यों किया और वह तुरंत गूगल के फर्स्ट पेज पर रैंक करने लगे। बल्कि यह काम धीरे-धीरे होता है। सबसे पहले हम जानते हैं कि गूगल आपकी वेबसाइट तक कैसे पहुंचता है। गूगल एक सर्च इंजन है जहां पर लोग अपने Keyword  को डालकर सर्च करते हैं।

मान लीजिये किसी ने सर्च किया कंप्यूटर क्या है , फिर सर्च इंजन अपने अन्दर Index Website को देखता है। जिस जिस website में यह Keyword होगा , कंप्यूटर क्या है। जिन्ह जिन्ह वेबसाइट में यह कीवर्ड होगा उन्हें सर्च रिजल्ट के पहले पेज पर दिखाता है। google सर्च के रिजल्ट में फर्स्ट पेज में आने के गूगल कुछ मापदण्ड रखे है। क्युकी गूगल के पास कुछ डाटा नहीं है। बल्कि गूगल पर जो वेबसाइट रैंक होगी। बह वेबसाइट आर्टिकल लोगो ने गूगल पर पोस्ट किये है। गूगल के जो मापदण्ड है। किसी वेबसाइट यह फिर ब्लॉग पोस्ट को फर्स्ट पेज में शो करने बह ही Seo होता है।

कुछ लोगो को लगता है की Seo कोई जादू है। ऐसा कुछ नहीं है बल्कि हमें पोस्ट को गूगल के मापदण्ड के अनुसार लिखना है। जिससे गूगल हमारी पोस्ट को आसानी से समज सके है।

Seo के कितने प्रकार के होते है।

Seo के बारे में जानने से पहले हमें पता होना चाहिए है की Seo कितने प्रकार के होते है। आपके इस प्रशन का उत्तर आपको इस लेख में मिल जायेगा। seo कितने प्रकार के होते है। Seo 02  के प्रकार होते है।

On Page Seo

Off Page Seo

हम इस लेख में On Page Seo के बारे पढ़ेगे। यदि आप Off Page Seo पर भी लेख चाहते है तो Comment में बताये। हम Blogging में आपकी मदद के लिए जरूर Off Page Seo पर लेख लिखेंगे। लेख को आगे बढ़ाने से पहले आपको off Page seo संक्षिप्त जानकारी देना चाहता हु , जानकारी को हासिल करने के लिए लेख में हमारे साथ बने रहे।

Off Page Seo ki Jaankari Hindi me

इस लेख मैं आपको बताऊंगा कि Off Page Seo  क्या होता है जैसे कि आप लोगों ने सुना होगा की Off Page seo में Backlinks बनाते है। हम जानने कोशिश करेंगे की सिर्फ Backlinks बनाना ही Off Page Seo है। यह इसके इलाबा भी कुछ और होता है off Page seo में।

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Off Page Seo  का  क्या  मतलब है। हम अपनी Website की प्रमोशन के लिए अपने वेबसाइट से बहार अपनी वेबसाइट के लिए काम करते है। उसे Off Page seo कहा जाता है। हम हमारे समक्ष एक प्रशन उठता है , कौन कौन से काम है जो हम अपनी वेबसाइट की प्रमोशन के लिए वेबसाइट से बहार से करते है। बह इस प्रकार से है।

  • Backlinks बनाना।
  • Domain Authority बढ़ाना।
  • Self Made Links
  • Natural Links
  • Social Media Sharing
  • Guest Posting
  • List Local Business Directories
  • List Website Question & Answer site

What is On Page Seo in Hindi

लेख को आगे बढ़ाते हुए अब हम बात करते हैं On Page Seo की , जैसे कि शीर्षक से ही ज्ञात होता है कि इस लेख में On Page Seo की जानकारी दी गई है। परंतु इसके साथ मैंने आपको Off Page Seo overview  की जानकारी देना भी जरूरी समझा। अब हम बात करते है On Page Seo की , जानकारी को हासिल करने के लिए लेख को पूरा पढ़े ,इस लेख में आपको On Page seo की सटीक और पूरी जानकारी दी गयी है।

On Page Seo क्या है। यह हमारा सबसे पहला प्रशन होगा , On Page Seo factor में कौन कौन सी चीज़े आती है। आदि सभी प्र्शन का उत्तर आपको इस लेख में मिलेगा। On Page Seo में हम अपनी वेबसाइट के अन्दर जो भी काम करते है। उससे On Page कहा जहा है। On Page seo में क्या क्या फैक्टर करते है उनकी चर्चा आगे करेंगे। यदि On Page Seo हम अच्छे से करते है तो बह पोस्ट और वेबसाइट गूगल में आसानी से रैंक होती है। इसलिए On Page Seo वेबसाइट और ब्लॉग को रैंक करने में अहम भूमिका अदा करते है। on Page seo कैसे करे अब हम उस विषय में बात करते है।

On Page Seo करना क्यों जरुरी होता है।

यहाँ तक लेख को पढने के बाद आपको ज्ञात हो गया होगा की on Page Seo क्या होता है। अब हमने इसके बाद जानने की जरूरत होती है की On Page Seo करना क्यों जरुरी है। On Page Seo हमें करना चाहिए है नहीं।

सर्च इंजन को On Page Seo से समझ आ जाता है। की हमारी वेबसाइट यह फिर ब्लॉग  किस विषय पर  है। और किस Keyword पर पोस्ट यह वेबसाइट को रैंक करना है।

On Page Seo करने के फायदे।

ऑन पेज एस इ ओ करने से हमारी वेबसाइट को बहुत से फायदे होते हैं वे फायदे निम्नलिखित है।

  • वेबसाइट सर्च इंजन में आसानी से रैंक होती है।
  • वेबसाइट या ब्लॉग पोस्ट ऑर्गेनिक ट्रैफिक इनक्रीस होता है।
  • Website Useer Frendly बनती है।
  • Usser website में ज़्यदा टाइम spend करता है।

On Page Seo कैसे करे। Tips 2021

On Page Seo में बहुत से फैक्टर काम करते है। यदि आप सभी फैक्टर को अच्छे से फॉलो करते है। तो ही आपने अपनी पोस्ट का अच्छे से ON PAGE SEO कर सकते है। और तभी आपकी पोस्ट गूगल में रैंक कर सकती है। बह फैक्टर निम्नलिखित है।

  • Attractive Title.
  • Seo Frendly Url
  • Meta Discription
  • Content Quality अच्छी होनी चाहिए है।
  • Image को Optimize करना है।
  • Post में Internal link देना है।
  • Outbound Link
  • Post कितने शब्दों का होना चाहिए है।

Attractive Title

Title आपके Blog Post की जान होती है। आपका Title जितना Attractive होगा उतना अधिक ट्रैफिक वेबसाइट पर आने के चांस बनते है। इसलिए जब भी आप Title को सलेक्ट करे तो आपको कोशिश करनी है की आपका Blog Post Title Attractive हो।

ध्यान रखने की बाते –

  • Title Short और attactive होना चाहिए है आकर्षक शब्दों का उपयोग करे।
  • Title में आपका मैन कीवर्ड होना चाहिए है पोस्ट रैंक की सम्बावना अधिक होती है।
  • आपके title में ज़्यदा से ज़्यदा शब्द 13 होने चाहिए है।

Seo Frendly Url.

Seo Frendly Url किसी भी पोस्ट को रैंक करने अहम भूमिका अदा करता है। Seo Frendly Url से ही सर्च इंजन आपकी ब्लॉग पोस्ट को पहचानता है। seo frendly url होने से सर्च इंजन समझ पता है की आपकी ब्लॉग पोस्ट किस विषय पर है। Url को Permalink भी कहा जाता है।

ध्यान रखने की बाते

  • कम शब्दों का और आकर्षक हो।
  • Url में आपका मैन Keyword होना चाहिए है।
  • (-)का इस्तेमाल करना है।
  • lowercase letter का  ही उपयोग करना है।

Meta Discription –

Meta Discription हमारे blog Post का संक्षिप्त बर्णन होता है। आपको गूगल को संक्षिप्त बताना होता है की आपका ब्लॉग पोस्ट किस विषय पर है। जिससे गूगल को आपके पोस्ट को समझने में और भी आसानी होती है। Meta Discription को लिखते समय आपको बहुत बहुत सी बातो का ध्यान रखना होता है बह निम्न्लिखित है।

ध्यान रखने की बाते –

  • आपकी Meta Discription 145 -160 शब्दों की होनी चाहिए है।
  • आप कोशिश करे Meta Discription में मैन keyword के साथ अन्य keyword भी आये।
  • जिस विषय पर आपका Content है Meta Discription भी उसी विषय पर हो।
  • Meta Discription को आकर्षक लिखे ताकि जब आप पोस्ट को सोशल मीडिया में शेयर करे तो Visitor को पोस्ट Open करने के लिए मजबूर हो।

Content Quality अच्छी होनी चाहिए है।

ब्लॉग्गिंग की फील्ड में Content is  King कहा जाता है। आपने अपने ब्लॉग पर अभी तक जो जो काम किये है। बह उस Content को प्रोमोट करने के लिए किया है मान लो यदि आपकी कोई पोस्ट रैंक भी हो गयी। यदि उसमे अच्छी किस्म का कंटेंट नहीं है तो पाठक आपकी पोस्ट को छोड़ कर वेबसाइट को तुरंत  बन्द करता है तो आपकी वेबसाइट को बोनस बैक रेट बढ़ जाता है। जिससे आपकी वेबसाइट की रैंक डाउन हो जाती है।

Quality Content लिखने के Tips –

  • Post को लिखते समय पाठको को ध्यान रखना है।
  • अच्छे images का उपयोग करना है।
  • आप जिस भी विषय पर पोस्ट लिख रहे है उसमे उसकी सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए।
  • Audince का Trust बनाये रखना है ताकि जब भी आप Next time पोस्ट को डाले तो बह उसे जरूर पढ़े।

Image को Optimize करना है।

किसी भी पोस्ट में image होने से पोस्ट ज़्यदा attractive दिखती है। कभी हमें अपनी पोस्ट को समझने के लिए image का सहारा लेना पड़ता है। पोस्ट में image डालने के साथ उसे Optimize करना होता है। ताकि हमारी image seo Frendly हो सके

ध्यान रखने की बाते –

  • Image को Compress करना है ताकि image का size कम हो सके।
  • Post से Relative iamge को ही पोस्ट में डालना है।
  • Image में alt Text का उपयोग करना है। जिससे सर्च इंजन को image समझने में आसानी होती है।
  • Image में Caption को देना है ,ताकि Visitor को पता चले की image किस बारे में है।

Post में Internal link देना है।

Post में Internal link का अभिप्राय , अपने ही ब्लॉग पोस्ट का लिंक अपने किसी दूसरे पोस्ट में देना है। Internal link, करने से हमरी वेबसाइट यह फिर ब्लॉग पोस्ट को बहुत फायदे होते है। बह निम्नलिखित है।

  • Internal link Crawl और Post Index करने में मदद करते है।
  • Website का Bonce Back Rate कम रहता है।
  • Internal links  डालने से Page View increase होने के चांस बढ़ जाते है।
  • Anchor Text का उपयोग करना है।
  • आपकी पोस्ट के On Page Seo में मदद करते है।

Outbound Link

Internal Link की तरह Outbound link भी हमारी website Ranking Factor में मददगार साबित होते है। यदि हम किसी भी वेबसाइट को अपनी पोस्ट से Outbound link देते है। तो उस समय हमें वेबसाइट का DA , PA , Spam Score को जरूर चेक करना होता है। यदि वेबसाइट का DA , PA , कम है और Spam Score ज़्यदा है तो उस वेबसाइट को Outbound link नहीं देना है। उससे आपकी वेबसाइट पर नाकारत्मक प्रभाव पद सकता है। आपने हमेश कोशिश करनी है आप आप Outbound link news वेबसाइट और विकिपीडिया जैसी बड़ी वेबसाइट को ही दे। जिससे आपकी वेबसाइट रैंक करने के चांस अधिक बनते है।

Post कितने शब्दों का होना चाहिए है।

यह एक बड़ा प्रशन होता है की हम कितने शब्दों की पोस्ट लिखे जो गूगल में रैंक होगी। बैसे तो सर्च इंजन 300 शब्दों को अप्रूवल कर देता है। पर आपको कोशिश करनी है  ,की आप 1000 शब्दों से ऊपर का लेख लिखे। यह फिर आप जो लेख लिख रहे है। तो अपने Competitor की पोस्ट को देखना है उससे 3 गुणा अधिक शब्दों  लिखे।

अंतिम शब्दों में –

आज हमने सीखा की On Page Seo in Hindi , मैंने कोशिश की है। की में आपको इस लेख On Page Seo से रिलेटिव पूरी जानकारी दे सकू। उम्मीद करता हु की यह लेख आपके ब्लॉग्गिंग फील्ड में मदद करेगा। ऐसे ही helpfull जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग के साथ बने रहे।

लेख को पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्याबाद !!

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